आख़िर क्या दिल्ली सेवा बिल जिस पर इतना हल्ला मच रहा है

दिल्ली सरकार क्यों कर रही विरोध?

राज्यसभा से भी पारित हुआ दिल्ली सेवा बिल, पक्ष में 131 तो विरोध में पड़े 102 वोट

यह बिल उपराज्यपाल को एनसीसीएसए द्वारा की गई सिफारिशों सहित प्रमुख मामलों पर अपने 'एकमात्र विवेक' का प्रयोग करने की ताकत देता है.

दिल्ली सरकार क्यों कर रही विरोध?

नौकरशाहों से संबंधित तबादलों,पोस्टिंग और अन्य अनुशासनात्मक मामले केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच विवाद का विषय रहे हैं

दिल्ली सरकार क्यों कर रही विरोध?

उपराज्यपाल को दिल्ली विधानसभा को बुलाने, स्थगित करने और भंग करने का भी अधिकार रहेगा.

दिल्ली सरकार क्यों कर रही विरोध?

इसके पारित होने के बाद दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग को संभालने की जिम्मेदारी उपराज्यपाल को होगी. इतना ही नहीं यह बिल उपराज्यपाल (एलजी) को कई प्रमुख मामलों पर अपने विवेक का प्रयोग करने का अधिकार देता है.

उपराज्यपाल को दिल्ली विधानसभा को बुलाने, स्थगित करने और भंग करने का भी अधिकार रहेगा.

यह भारत के राष्ट्रपति को संघ सूची से संबंधित संसद के किसी भी कानून के लिए अधिकारियों, बोर्डों, आयोगों, वैधानिक निकायों या पदाधिकारियों को नियुक्त करने का अधिकार देता है.

राज्यसभा से भी पारित हुआ दिल्ली सेवा बिल, पक्ष में 131 तो विरोध में पड़े 102 वोट

दिल्ली सरकार क्यों कर रही विरोध?